8 अक्टूबर 2014 - 18:25
कूबानी में भीषण लड़ाई, इराक़ी कुर्द फ़ोर्स ने तुर्की से मांगा रास्ता

जानकार सूत्रों का कहना है कि गत 16 सितम्बर से कूबानी में लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक 400 से अधिक लोग मारे गए हैं।

सीरिया के सीमावर्ती शहर कूबानी में आमने सामने की लड़ाई चल रही है और आईएसआईएल के आतंकी शहर के केन्द्रीय भाग के निकट पहुंच गए हैं।
उधर इराक़ी कुर्दिस्तान के शासक मसऊद बारेज़ानी ने मांग की है कि उनकी सुरक्षा फ़ोर्स पीशमर्गा को तुर्की के भीतर से गुज़र कर कूबानी पहुंचने की अनुमति दी जानी चाहिए, जबकि सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विदेश दूत स्टीफ़न दी मिस्तूरा ने विश्व समुदाय से मांग की है कि वह शहर की रक्षा के लिए तत्काल कार्यवाही करे।
जानकार सूत्रों का कहना है कि गत 16 सितम्बर से कूबानी में लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक 400 से अधिक लोग मारे गए हैं।
तुर्की में कुर्द पार्टी के नेता अब्दुल्लाह ओजलान ने कहा है कि कुर्द क्षेत्रों से आतंकियों को पूरी तरह से मार भगा देने तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन देशों और सरकारों के लिए बहुत बड़ी समस्याएं उत्पन्न कर देगा।
आतंकी संगठन कूबानी या एनुल अरब शहर के आसपास के लगभग 70 गावों पर क़ब्ज़ा कर चुका है जिनमें लगभग तीन लाख लोग आबाद थे। इनमें से 1 लाख 80 हज़ार से अधिक कुर्द निवासी तुर्की भाग गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इराक़ी कुर्दिस्तान के शासक मसऊद बारेज़ानी ने तुर्की से औपचारिक रूप से मांग की है कि वह पीशमर्गा के सैनिकों को कूबानी पहुंचाने के लिए रास्ता दे।
सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत का कहना है कि यदि कूबानी शहर पर आईएसआईएल का क़ब्ज़ा हो गया तो फिर सबको पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शहर के निवासियों ने बड़ी बहादुरी से आतंकी संगठन का सामना किया किंतु अब स्थानीय निवासियों का संघर्ष जारी रख पाना कठिन हो गया है। मिस्तूरा ने कहा कि कुर्द लड़कों के पास हलके हथियार हैं जबकि आतंकी संगठन आईएसआईएल तोपों और मार्टर गोलों का प्रयोग कर रहा है।
उधर अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जीन साकी ने आतंकी संगठन के विरुद्ध अमरीका के नेतृत्व में किए जाने वाले वायु हमलों की शैली का बचाव करते हुए कहा कि एनुल अरब के क्षेत्र में आतंकी संगठन के ठिकानों और सामरिक उपरकणों पर पांच हमले किए गए हैं। किंतु तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने अमरीका के नेतृत्व में होने वाले हमलों पर सवालिया निशाना लगाते हुए कहा कि केवल वायु हमलों से आतंकवाद को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नो फ़्लाई ज़ोन स्थापित करना आवश्यक है।
तुर्क राष्ट्रपति ने नो फ़्लाई ज़ोन स्थापित करने की मांग एसे समय की है कि जब आतंकी संगठन आईएसआईएल के पास युद्धक विमान नहीं है हालांकि नो फ़्लाई ज़ोन युद्धक विमानों को उड़ान भरने से रोकने के लिए स्थापित किया जाता है। यही कारण है कि तुर्क राष्ट्रपति के इस बयान को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है।